बड़ा धोखेबाज़ है ये आँसू
बड़ा चालबाज़ है ये आँसू
मेरी गिरफ़्त से बाहर है ये आँसू
मेरी समझ से बाहर है ये आँसू
शाम-ए-ग़म में भी ढलता भी है
सुब्ह-ए-मसर्रत में बहता भी है
किसी का ग़म सुन के रोता है ये आँसू
किसी की ख़ुशी देख हँसता है ये आँसू
कभी त्योहार है ये आँसू
कभी अफ़ग़ार हैं ये आँसू
कभी मददगार है ये आँसू
कभी मक्कार है ये आँसू
लगता तो जाना पहचाना है ये आँसू
शायद दोस्त कोई पुराना है ये आँसू
बे-सबब दीवाना है ये आँसू
या बड़ा सियाना है ये आँसू
सिर्फ़ पानी एक क़तरा है ये आँसू
या दिल का भेजा तोहफ़ा है ये आँसू
-नज़र
मसर्रत- happiness, अफ़ग़ार- wounded
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